



बांगरदा (खरगोन) वर्तमान समय में फास्ट फूड के प्रचलन के कारण बच्चों एवं माता के साथ किशोर बालिकाओं में कुपोषण जैसी बीमारी फैलती जा रही है। छोटे बच्चे मोबाइल की बुरी लत का शिकार हो रहे हैं। इसके निवारण हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह का आयोजन आंगनबाड़ी स्तर पर किया जा रहा है।
उक्त विचार व्यक्त करते हुए महिला एवं बाल विकास परियोजना सनावद पर्यवेक्षिका श्रीमती भावना खेड़े ने अवगत कराया की परियोजना सनावद की समस्त आंगनबाड़ियों में पोषण माह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से ‘ स्वस्थ नारी सशक्त’ परिवार के साथ स्वस्थ बच्चे स्वस्थ माता का अभियान चलाया जा रहा है। आपने आंगनबाड़ी केंद्र बांगरदा में आयोजित कार्यक्रम में अवगत कराया की सभी बालिकाएं गर्भवती माताएं एवं शिशु की माताएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक होकर पौष्टिक एवं स्वयं के घर में निर्मित खाद्य सामग्री का उपयोग अपने नियमित आहार में करें। बच्चों को पारंपरिक खेल से जोड़ने का प्रयास करें। जिससे बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास होगा। ज़्यादातर माताएं बच्चों को खिलौने के स्थान पर अपना मोबाइल दे देती है। जिसके कारण बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पाता है। एवं बच्चों को पोषण का शिकार हो जाते हैं। अपने एवं बच्चों के दैनिक आहार में मोटे खाद्यान्नों का उपयोग करने से शरीर स्वस्थ रहता है। कार्यक्रम में किशोरी बालिकाएं, गर्भवती माताएं, लाड़ली लक्ष्मी बालिकाओ के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ज्योति गंगराड़े आरती शर्मा अनीता कनाडे, सहायिका सुनीता मालाकार, सेवंती मालाकार, पिंकी पवार के साथ शिक्षिका संगीता मुकाती,आशा कार्यकर्ता रेवा फूलकर, वंदना मालाकार विशेष रूप से उपस्थित थी।
:-रामेश्वर फूलकर पत्रकार बांगरदा



